“
कोशिश
“
“ कोशिशें
तो
हम
बहुत
करते
है,
मंज़िल
तक
की
राह
बनाते
चलते
है !
रास्ते के हर काँटे को तोड़ते चलते है,
फूलों की बिछात बिछाते चलते है !!
खुशबू की सोगात फेलाते चलते है,
सबके
दिलों
मे
जगह
बनाते
चलते
है !
राह मे दोस्त बनाते चलते है,
कर्तव्य
अपना
निभाते
चलते
है !!
मुश्किलों का सामना करते चलते है,
जीवन
की
डोर
बाँधे
रखते
है !
ख्वाहिशों की आस लगाए रखते है ,
उन्हे
पाने
की
चाह
भी
रखते
है !!
कोशिशें तो हम बहुत करते है,
उम्मीदों को अपनी ज़िन्दा रखते है !
समा ये हमेशा जलाके रखते है,
बारिश होने से पहले छाता तैयार रखते है !!
कोशिशें तो हम इतनी करते है,
जैसे
खुदा
की
बंदिशों
का
पालन
करते
है !
निर्वाह ये जिंदगी इस प्रकार करते है,
हर
दिल
दुआ
दे
यही
हम
कोशिश
करते
है !!
परवाह न हम किसी की करते है,
डरते
है
सिर्फ़
परवर्दीगार
से
डरते
है !
कोशिश तो हम बस इतनी ही करते है,
हर
इंसान
दो
वक़्त
चैन
से
खाए
बस
इतनी
ही
कामना
करते
है !! “
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