Monday, 21 September 2015 | By: Ankur

“ कोशिश “

कोशिश

कोशिशें तो हम बहुत करते है,
मंज़िल तक की राह बनाते चलते है !
  रास्ते के हर काँटे को तोड़ते चलते है,
फूलों की बिछात बिछाते चलते है !!



  खुशबू की सोगात फेलाते चलते है,
                                        सबके दिलों मे जगह बनाते चलते है !
  राह मे दोस्त बनाते चलते है,
कर्तव्य अपना निभाते चलते है !!



  मुश्किलों का सामना करते चलते है,
जीवन की डोर बाँधे रखते है !
  ख्वाहिशों की आस लगाए रखते है ,
उन्हे पाने की चाह भी रखते है !!



  कोशिशें तो हम बहुत करते है,
उम्मीदों को अपनी ज़िन्दा रखते है !
  समा ये हमेशा जलाके रखते है,
बारिश होने से पहले छाता तैयार रखते है !!




  कोशिशें तो हम इतनी करते है,
जैसे खुदा की बंदिशों का पालन करते है !
  निर्वाह ये जिंदगी इस प्रकार करते है,
हर दिल दुआ दे यही हम कोशिश करते है !!



  परवाह हम किसी की करते है,
डरते है सिर्फ़ परवर्दीगार से डरते है !
  कोशिश तो हम बस इतनी ही करते है,

हर इंसान दो वक़्त चैन से खाए बस इतनी ही कामना करते है !! “

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